
भारत ने परमाणु मुद्दों पर पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयान पर कड़ा जवाब देते हुए साफ कहा है कि जिस देश का खुद का परमाणु रिकॉर्ड दागदार रहा हो, उसे भारत को नसीहत देने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान का परमाणु इतिहास गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों और अवैध प्रसार से जुड़ा रहा है, जिसे पूरी दुनिया जानती है। भारत ने यह भी दोहराया कि वह परमाणु हथियारों और तकनीक के मामले में हमेशा जिम्मेदार और पारदर्शी नीति का पालन करता आया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों और संधियों का सम्मान करता है और वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार सहयोग करता रहा है। वहीं पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा गया कि दुनिया अच्छी तरह जानती है कि परमाणु तकनीक के अवैध नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों के मामले किस देश से जुड़े रहे हैं। भारत ने यह भी कहा कि किसी भी देश को जिम्मेदार परमाणु शक्ति होने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना जरूरी होता है। भारत की नीति हमेशा से ‘नो फर्स्ट यूज़’ और न्यूनतम परमाणु प्रतिरोध की रही है, जो उसकी जिम्मेदार परमाणु शक्ति होने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए और उसके बाद किसी दूसरे देश पर टिप्पणी करनी चाहिए। भारत ने दोहराया कि वह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के परमाणु प्रसार या गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का विरोध करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह जवाब स्पष्ट संदेश देता है कि नई दिल्ली सुरक्षा और परमाणु नीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर किसी भी तरह की गलत बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भी यह रुख साफ कर दिया है कि जिम्मेदार परमाणु शक्ति होने के नाते वह अपने सिद्धांतों और वैश्विक नियमों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।



