
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में रूस के उपप्रधानमंत्री से महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इस मुलाकात का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और रणनीतिक, आर्थिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाना था। पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से मित्रवत और भरोसेमंद संबंध हैं, जो दोनों देशों की साझेदारी को वैश्विक स्तर पर मजबूत करते हैं।
बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और विज्ञान-तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और रूस की साझेदारी केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी गहरी और व्यापक है। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि दोनों देशों को आपसी समझ और सहयोग के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
रूस के उपप्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारत के साथ संबंधों की महत्ता पर जोर दिया और विभिन्न क्षेत्रों में नई परियोजनाओं और निवेश को लेकर संभावनाओं का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की जा रही हैं। इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों की सुरक्षा और सामरिक क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को शामिल किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और विकास में भी योगदान देती है।
इस मुलाकात से स्पष्ट हुआ कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंध निरंतर गहरे और विविध हो रहे हैं। दोनों पक्ष इस सहयोग को नई रणनीतियों और निवेश योजनाओं के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और रूस के उपप्रधानमंत्री की यह बैठक दोनों देशों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली साबित होगी। इससे न केवल आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और रूस की मित्रता और भरोसेमंद साझेदारी भी मजबूत होगी।



