
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बायो इथेनॉल प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की और कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक साबित होगा। पीएम मोदी ने कहा कि बायो इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन न केवल प्रदूषण कम करेंगे बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल भारत को विदेशी तेल पर निर्भरता से बाहर निकालकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी।
बायो इथेनॉल उत्पादन में गन्ने की खोई, धान का भूसा, गेहूं का ठूंठ और कृषि अपशिष्ट का उपयोग किया जाएगा। इससे जहां किसानों को उनकी फसल के अवशेषों का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं पराली जलाने जैसी समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि इस प्रकार के प्लांट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने इसे हरित ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ाया गया निर्णायक कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपने देश के संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए और विदेशी आयात पर निर्भरता घटानी चाहिए। स्वदेशी उत्पादों का उपयोग न केवल देश की अर्थव्यवस्था को बल देगा, बल्कि स्थानीय उद्योगों और छोटे उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समय भारतीयों के लिए अपने देश की शक्ति पर भरोसा करने का है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत हो सके।
बायो इथेनॉल प्लांट से भारत की ऊर्जा जरूरतों को हरित और स्वच्छ स्रोतों से पूरा किया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण में सुधार होगा बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्टार्टअप और नई तकनीक के माध्यम से इस दिशा में योगदान दें और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर नवाचार और उत्पादन का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
इस उद्घाटन कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की नई ऊर्जा नीति आने वाले वर्षों में देश की दिशा और दशा दोनों को बदल देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि देशवासी मिलकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाएंगे और नई तकनीक को प्रोत्साहित करेंगे तो भारत बहुत जल्द आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।



