पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को किया नमन, बोले– ‘श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है’

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, “श्रेष्ठता पद से नहीं, बल्कि आचरण से स्थापित होती है”, और अटल जी के जीवन को इसी विचार का सजीव उदाहरण बताया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को ‘सदैव अटल’ कहते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व, विचार और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि अटल जी राजनीति में रहते हुए भी मूल्यों, मर्यादाओं और लोकतांत्रिक आदर्शों से कभी समझौता नहीं करते थे। सत्ता में रहते हुए उन्होंने विरोधियों के प्रति भी सम्मान का भाव बनाए रखा और संवाद को लोकतंत्र की आत्मा माना। उनका यह आचरण भारतीय राजनीति में एक उच्च मानक के रूप में स्थापित हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राष्ट्रनेता थे। उनके नेतृत्व में देश ने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और पड़ोसी देशों से शांति प्रयास जैसे ऐतिहासिक कदम देखे। इन निर्णयों ने भारत की वैश्विक पहचान को सशक्त बनाया और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि अटल जी का जीवन सादगी, विनम्रता और सिद्धांतों का प्रतीक था। वे मानते थे कि सत्ता सेवा का माध्यम है, न कि स्वयं का उद्देश्य। यही कारण है कि वे आज भी सभी दलों और विचारधाराओं के लोगों द्वारा सम्मान के साथ याद किए जाते हैं।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—राष्ट्र प्रथम, लोकतांत्रिक मर्यादा और मानवीय संवेदना—को आत्मसात करना होगा। अटल जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके विचार, उनकी नीतियां और उनका आचरण सदैव भारत की राजनीति और समाज को दिशा देता रहेगा।



