
विजयादशमी का पर्व पूरे देश में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और समाज को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी हमें असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की जीत का स्मरण कराती है। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि हम सब मिलकर आपसी भाईचारे और सद्भावना की भावना को मजबूत करें। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यह पर्व हमें अपने जीवन से नकारात्मक प्रवृत्तियों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि यह पर्व हमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने और जीवन में धर्म, साहस और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। पीएम मोदी ने सभी नागरिकों के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना भी की।
दशहरा का त्योहार देशभर में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। कहीं पर रावण दहन का आयोजन होता है तो कहीं शस्त्र पूजन किया जाता है। इस दिन बुराइयों को समाप्त करने और जीवन में नई दिशा अपनाने का संकल्प लिया जाता है। ऐतिहासिक दृष्टि से यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।
रावण दहन के साथ-साथ विजयादशमी हमें यह भी सिखाती है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंततः सत्य और न्याय की ही विजय होती है। यही संदेश राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने अपने-अपने शब्दों में राष्ट्र को दिया।
यह पर्व सभी वर्गों और समुदायों को जोड़ने का कार्य करता है। भारत जैसे विविधता से भरे देश में विजयादशमी केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं, अपने जीवन में नई शुरुआत करते हैं और समाज में सकारात्मकता फैलाने का संकल्प लेते हैं।
इस प्रकार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश न केवल त्योहार की शुभकामनाएं हैं बल्कि राष्ट्र को धर्म, सत्य, साहस और सद्भावना के मार्ग पर अग्रसर होने का आह्वान भी है। विजयादशमी हमें यह याद दिलाती है कि अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, प्रकाश की किरणें अंततः मार्ग दिखाती हैं।



