
भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश करते हुए स्वदेशी ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। भारत-पाक सीमा के संवेदनशील क्षेत्र में उन्होंने सह-पायलट की भूमिका निभाई, जो किसी भी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा किया गया एक दुर्लभ और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है। यह उड़ान भारतीय सेना और वायुसेना के जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ देश की रक्षा क्षमता का प्रतीक भी बनी। ‘प्रचंड’ दरअसल Hindustan Aeronautics Limited द्वारा विकसित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) है, जिसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मु की इस ऐतिहासिक उड़ान को महिला सशक्तिकरण और सैन्य क्षमताओं के संगम के रूप में भी देखा जा रहा है। उन्होंने न केवल हेलीकॉप्टर की तकनीकी क्षमताओं की जानकारी ली, बल्कि सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत कर उनका हौसला भी बढ़ाया। ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, मिसाइलों और रडार तकनीक से लैस है, जो दुश्मन के ठिकानों को सटीक निशाना बनाने में सक्षम है। इस उड़ान के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और सक्षम है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को और मजबूती देता है, क्योंकि ‘प्रचंड’ पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है। राष्ट्रपति की इस पहल ने देशभर में गर्व की भावना को प्रबल किया है और यह दिखाया है कि भारत का नेतृत्व न केवल संवैधानिक रूप से मजबूत है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



