
बजट सत्र से पहले संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने देश को संबोधित किया और सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हितों के मुद्दों पर एकजुटता दिखाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती आपसी संवाद, सहयोग और सकारात्मक राजनीति से ही संभव है। उन्होंने संसद को देश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का सबसे बड़ा मंच बताते हुए आग्रह किया कि सभी दल विकास, सामाजिक न्याय और समावेशी प्रगति के लिए मिलकर काम करें।
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सरकार की प्रमुख नीतियों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश ने बीते वर्षों में वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाई है और भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। साथ ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया।
हालांकि राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान और उसके बाद विपक्षी दलों ने कई मुद्दों पर अपनी असहमति दर्ज कराई। विपक्ष ने विशेष रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और महंगाई के मौजूदा हालात में मनरेगा जैसी योजनाएं गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा साबित होती हैं। विपक्षी नेताओं ने मांग की कि मनरेगा को पहले की तरह पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाए और इसके बजट आवंटन में वृद्धि की जाए।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सामाजिक और आर्थिक योजनाओं के लाभ आम जनता तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने संसद में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग की। वहीं सरकार पक्ष ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की नीतियां गरीब, किसान, महिला और युवा केंद्रित हैं तथा रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए अनेक वैकल्पिक और प्रभावी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
कुल मिलाकर, बजट से पहले राष्ट्रपति का यह संबोधन आगामी सत्र की दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता नजर आया। एक ओर जहां राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता का संदेश दिया, वहीं विपक्ष ने जनहित से जुड़े सवाल उठाकर संसद में गर्म बहस के संकेत भी दे दिए।



