यूपी PWD में बिना काम भुगतान का दबाव, डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने CM योगी से की शिकायत

उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) में कथित तौर पर बिना कार्य कराए ही भुगतान करने के दबाव का मामला सामने आने से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ का आरोप है कि कई स्थानों पर इंजीनियरों पर उच्च अधिकारियों या ठेकेदारों के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है कि वे बिना काम पूरा हुए या गुणवत्ता जांच के बिना ही भुगतान की फाइलों को मंजूरी दें। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले इंजीनियरों की छवि और मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इस तरह की प्रवृत्ति पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे सकती है और विकास कार्यों की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। साथ ही, इंजीनियरों को अनावश्यक दबाव से मुक्त कर उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने का वातावरण प्रदान किया जाए।
इस पूरे मामले ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में यदि इस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं, तो इसका सीधा असर जनता के भरोसे पर पड़ता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लिया जाता है और क्या वाकई में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल, डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की इस पहल को विभाग के भीतर एक साहसिक कदम माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर सिस्टम में पारदर्शिता और ईमानदारी की जरूरत को उजागर किया है।



