यूपी में RTE आवेदन में 97% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी, पहले चरण में 2.61 लाख बच्चों ने किया आवेदन

उत्तर प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत इस वर्ष आवेदनों में 97 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो राज्य में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सरकार की प्रभावी पहल का परिणाम मानी जा रही है। पहले चरण में ही 2.61 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के अभिभावक अब अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा दिलाने के लिए पहले से अधिक सक्रिय हुए हैं। RTE अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। इस बार आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल को सुदृढ़ किया गया, साथ ही जिला स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए गए। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सत्यापन और दस्तावेज अपलोड की सुविधा ने ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों को भी आवेदन करने में मदद की है। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले और किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण बाधित न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आना राज्य में सामाजिक बदलाव का संकेत है, जहां अभिभावक अब शिक्षा को भविष्य निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम मान रहे हैं। आगामी चरणों में दस्तावेज सत्यापन और लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी ढंग से चयन किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर स्कूलों में प्रवेश मिल सके।



