गंगा एक्सप्रेस-वे और ODOP से बदला शाहजहांपुर, दुबई तक पहुंचा जरी-जरदोजी का जलवा

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की तस्वीर इन दिनों तेजी से बदल रही है। एक ओर जहां गंगा एक्सप्रेस-वे ने जिले को बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर One District One Product (ODOP) योजना ने यहां के पारंपरिक जरी-जरदोजी उद्योग को नई पहचान दिलाई है। पहले जो कारीगर सीमित बाजार तक ही सिमटे हुए थे, आज उनका हुनर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक रहा है। दुबई जैसे वैश्विक बाजारों में शाहजहांपुर की जरी-जरदोजी की मांग बढ़ना इस बदलाव का प्रमाण है।
गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से शाहजहांपुर की भौगोलिक दूरी कम हुई है। अब दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों तक पहुंच आसान हो गई है, जिससे व्यापारियों और निर्यातकों को सीधा लाभ मिला है। बेहतर सड़क संपर्क से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल की ढुलाई तेज हुई है। इससे लागत में कमी आई और मुनाफे में बढ़ोतरी हुई है। एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक निवेश की संभावनाएं भी बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
ODOP योजना के तहत जरी-जरदोजी को बढ़ावा देने के लिए कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, डिजाइन अपग्रेड और मार्केटिंग सहायता दी गई है। सरकार द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों और ट्रेड फेयर में शाहजहांपुर के उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इन उत्पादों को देश-विदेश के ग्राहकों तक पहुंचाया गया। परिणामस्वरूप दुबई समेत खाड़ी देशों में यहां की कढ़ाईदार साड़ियों, लहंगों और परिधानों की मांग बढ़ी है।
स्थानीय कारीगरों का कहना है कि पहले उन्हें बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब सीधा ऑर्डर मिलने लगे हैं। बैंक लोन और वित्तीय सहायता से छोटे उद्यमी भी अपना कारोबार बढ़ा रहे हैं। महिला कारीगरों की भागीदारी भी बढ़ी है, जिससे परिवारों की आय में सुधार हुआ है।
कुल मिलाकर गंगा एक्सप्रेस-वे और ODOP योजना ने शाहजहांपुर को विकास की नई दिशा दी है। पारंपरिक कला और आधुनिक बुनियादी ढांचे का यह संगम जिले को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहा है। आने वाले समय में शाहजहांपुर न केवल प्रदेश बल्कि देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।



