
नेपाल की जेल से भागे कैदियों पर अब सख्त शिकंजा कसना शुरू हो गया है। हाल ही में नेपाल की विभिन्न जेलों से फरार हुए दर्जनों कैदियों की तलाश में सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान चलाया और बड़ी सफलता हासिल की। इस अभियान के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने लगातार चौकसी और तलाशी अभियान चलाते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमाओं पर 35 फरार कैदियों को धर दबोचा। यह कार्रवाई न सिर्फ SSB की सतर्कता को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि भारत की सीमाएं कितनी सुरक्षित और मजबूत हाथों में हैं।
नेपाल से कैदियों के भागने के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि कई अपराधी भारत की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए SSB ने अपनी गश्त और निगरानी को कई गुना बढ़ा दिया। सीमा चौकियों पर जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया और हर संदिग्ध की कड़ी जांच की जाने लगी। ड्रोन सर्विलांस, तलाशी अभियान और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर यह ऑपरेशन लगातार चलाया गया। नतीजा यह हुआ कि कई दिनों की मेहनत के बाद 35 फरार अपराधियों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली।
गिरफ्तार किए गए कैदियों में से कई पर हत्या, डकैती, चोरी, मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराधों के गंभीर आरोप लगे हुए हैं। कुछ कैदी ऐसे भी हैं जो लंबे समय से जेल में बंद थे और उनकी रिहाई की कोई संभावना नहीं थी। फरार होने के बाद वे सीमा पार कर भारत में छिपने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन SSB की सख्त निगरानी ने उनकी चालाकी को नाकाम कर दिया।
इस पूरी कार्रवाई में यूपी, बिहार और बंगाल की स्थानीय पुलिस ने भी SSB का सहयोग किया। कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाकर संदिग्ध गांवों और कस्बों में जांच की गई। पकड़े गए कैदियों को नेपाल सरकार को सौंपने की तैयारी की जा रही है ताकि उन पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण अपराधियों के लिए इधर-उधर आना-जाना आसान हो जाता है, लेकिन ऐसे मामलों ने दोनों देशों को अपनी सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने का संकेत दिया है। नेपाल सरकार ने भी SSB और भारत सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत होंगे।
यह घटना यह दर्शाती है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह के खतरे को हल्के में नहीं लेतीं। चाहे वह अंतरराष्ट्रीय अपराधी हों या सीमा पार से आने वाला कोई भी खतरा, SSB और पुलिस की मुस्तैदी हमेशा अपराधियों की योजनाओं को नाकाम कर देती है। 35 कैदियों की गिरफ्तारी से न सिर्फ नेपाल को राहत मिली है बल्कि भारत के लोगों की सुरक्षा भी और पुख्ता हो गई है।



