
ईरान के पूर्व शाही परिवार से जुड़े निर्वासित नेता Reza Pahlavi ने एक बार फिर मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है। उन्होंने United States के राष्ट्रपति से अपील करते हुए कहा कि अब Islamic Republic of Iran को समाप्त कर देश में लोकतांत्रिक ढांचा स्थापित करने का समय आ गया है। पहलवी का कहना है कि ईरान की जनता लंबे समय से राजनीतिक दमन, आर्थिक संकट और सामाजिक पाबंदियों का सामना कर रही है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सिर्फ बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस समर्थन देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह की अराजकता फैलाना नहीं, बल्कि एक शांतिपूर्ण ट्रांजिशन के जरिए ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां मानवाधिकारों का सम्मान हो और जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने की पूरी आजादी मिले। पहलवी के मुताबिक प्रवासी ईरानी और देश के भीतर बदलाव चाहने वाले लोग एक साझा मंच की तलाश में हैं, और अगर वैश्विक शक्तियां नैतिक व कूटनीतिक समर्थन देती हैं तो परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की अपीलें क्षेत्रीय राजनीति को और संवेदनशील बना सकती हैं, क्योंकि ईरान का सत्ता ढांचा बेहद जटिल है और वहां किसी भी बड़े बदलाव का असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ सकता है। इसके बावजूद पहलवी अपने रुख पर कायम हैं और उनका कहना है कि दुनिया को ईरानी जनता की आवाज सुननी चाहिए, क्योंकि अब वे भविष्य को नए रास्ते पर ले जाना चाहते हैं।



