
कोलकाता: कलकत्ता विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच हुआ विवाद मंगलवार देर रात सियालदह इलाके तक पहुँच गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। घटना तब शुरू हुई जब कुछ छात्रों ने एक सहपाठी को “बांग्लादेशी” कहकर अपमानित किया। आरोप है कि इस बात को लेकर दोनों गुटों में पहले तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुँच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच हुई झड़प की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग भी सियालदह रेलवे स्टेशन के पास इकट्ठा हो गए। स्थिति बिगड़ने पर कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई छात्र घायल हुए और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को काबू में किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया। सूत्रों के मुताबिक, मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जिसकी वजह से इलाके में तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने संवेदनशीलता को देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह विवाद अचानक बढ़ गया और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट्स ने भी इसमें आग में घी का काम किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से संयम बरतने की अपील की है और जांच समिति गठित करने की घोषणा की है।
घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। वहीं, सत्ताधारी दल ने कहा कि यह एक साजिश है ताकि शैक्षिक माहौल को खराब किया जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय और रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। छात्र संगठनों ने भी इस मारपीट की निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निर्दोष छात्र को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसरों में सुरक्षा और छात्रों के बीच बढ़ती वैचारिक खाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा संस्थानों को राजनीति और साम्प्रदायिकता से दूर रखकर एक स्वस्थ शैक्षिक वातावरण बनाने की आवश्यकता है।

