
राजस्थान के कोटा में इस बार दशहरा उत्सव को और भी भव्य बनाने के लिए विश्व का सबसे ऊँचा रावण पुतला तैयार किया गया है। यह पुतला 13,500 किलो यानी साढ़े 13 हजार किलो वजन का है और इसे बनाने में कुल 44 लाख रुपए की लागत आई है। यह विशालकाय रावण पुतला न केवल अपनी ऊँचाई के कारण बल्कि इसके निर्माण की जटिलता और कलाकारी के लिए भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। कोटा के दशहरा महोत्सव में हर साल रावण दहन को लेकर विशेष आकर्षण रहता है, लेकिन इस साल का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक भव्य और दर्शनीय होगा।
पुतले का निर्माण पारंपरिक कागज, लकड़ी और अन्य सुरक्षित सामग्रियों से किया गया है, ताकि दहन के समय कोई दुर्घटना न हो। कोटा नगर निगम और स्थानीय आयोजक मिलकर इस उत्सव की तैयारियों में लगे हुए हैं। पुतले की ऊँचाई और वजन के कारण इसे जलाने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय भी किए गए हैं। आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा कर्मचारी तैनात रहेंगे, जिससे दशहरा उत्सव सुरक्षित और आनंदमय तरीके से संपन्न हो सके।
स्थानीय लोग और पर्यटक इस भव्य रावण दहन को देखने के लिए दूर-दूर से कोटा आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के लोग इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। आयोजकों का कहना है कि यह केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक महोत्सव है जो भारतीय परंपराओं और त्योहारों की समृद्ध विरासत को उजागर करता है।
दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। कोटा में इस बार के विश्व के सबसे ऊँचे रावण पुतले के दहन के साथ ही यह संदेश और भी सशक्त होगा। पुतले के जलते ही वातावरण में खुशियों और उल्लास का माहौल बन जाएगा, और यह आयोजन स्थानीय संस्कृति और त्योहारों की धरोहर को भी और समृद्ध करेगा।



