
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि देश के सीमावर्ती गांव अब “अंतिम गांव” नहीं बल्कि “देश के पहले गांव” हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और यहां रहने वाले लोगों की भागीदारी देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाती है।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, कनेक्टिविटी बढ़ाना, स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना और पलायन को रोकना है। इसके तहत सड़क, बिजली, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आजीविका से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि सीमा क्षेत्र केवल भौगोलिक सीमाएं नहीं हैं, बल्कि ये भारत की सुरक्षा और संस्कृति के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन गांवों में रहने वाले लोग देश की सीमाओं के प्रहरी की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और वहां आर्थिक गतिविधियां बढ़ें। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम को केंद्र सरकार की सीमा क्षेत्र विकास रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके माध्यम से दूरदराज के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।


