
CJP प्रोटेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट में विदेशी फंडिंग से जुड़े दावे को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा कि संबंधित बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और वायरल पोस्ट भ्रामक है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, किसी भी आधिकारिक टिप्पणी या जानकारी को उसके पूरे संदर्भ में समझना जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि अधूरी जानकारी या संदर्भ से हटाकर पेश किए गए दावे लोगों में भ्रम पैदा कर सकते हैं।
वायरल पोस्ट में किए गए विदेशी फंडिंग संबंधी दावों पर MEA ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की सत्यता की जांच किए बिना उसे साझा नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े विषयों पर आधिकारिक जानकारी के लिए प्रमाणिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए।
इस मामले में वायरल पोस्ट और उसके दावों को लेकर राजनीतिक एवं सोशल मीडिया स्तर पर चर्चा तेज हुई थी। अब MEA की सफाई के बाद मामले में लगाए जा रहे आरोपों और दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
नोट: किसी भी वायरल दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और विश्वसनीय स्रोतों की जानकारी देखना जरूरी है।



