
मेक्सिको के कुख्यात ड्रग तस्कर नेमेसीओ ओसेगुएरा सर्वांतेस, जिसे दुनिया ‘एल मेंचो’ के नाम से जानती थी, एक बड़े सैन्य अभियान में मारा गया। वह मेक्सिको के सबसे खतरनाक और प्रभावशाली ड्रग कार्टेल जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था। एल मेंचो पर अमेरिका और मेक्सिको दोनों देशों में भारी इनाम घोषित था और उसे वैश्विक ड्रग नेटवर्क का अहम चेहरा माना जाता था। बताया जा रहा है कि मेक्सिकन सेना ने लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी और खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए विशेष ऑपरेशन में उसे घेर लिया गया। मुठभेड़ कई घंटों तक चली, जिसमें उसके कई करीबी सहयोगी भी मारे गए या गिरफ्तार किए गए। एल मेंचो का नेटवर्क सिंथेटिक ड्रग्स, खासकर फेंटानिल और मेथामफेटामिन की तस्करी के लिए कुख्यात था, जो अमेरिका तक सप्लाई किए जाते थे।
एल मेंचो की मौत के बाद मेक्सिको के कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी है। CJNG के समर्थकों और प्रतिद्वंद्वी गैंगों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। कई शहरों में आगजनी, सड़क जाम और गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई है कि कार्टेल के भीतर सत्ता संघर्ष शुरू हो सकता है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात कर दिया है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि एल मेंचो की मौत ड्रग कार्टेल के खिलाफ बड़ी सफलता है, लेकिन इससे हिंसा का एक नया दौर भी शुरू हो सकता है। मेक्सिको पहले से ही ड्रग युद्ध की मार झेल रहा है और अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मौके को स्थायी शांति स्थापित करने के लिए कैसे इस्तेमाल करती है।



