विधानसभा में गरजे Yogi Adityanath, बोले– Indian National Congress और Samajwadi Party ने किसानों को कर्जदार बनाया

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय कर्ज के बोझ तले दबाने का काम किया। उन्होंने विशेष रूप से Indian National Congress और Samajwadi Party का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए कृषि क्षेत्र को राजनीतिक लाभ का साधन बनाया, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई, भंडारण, बाजार और तकनीक जैसी बुनियादी जरूरतों पर ठोस काम नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने फसल खरीद में पारदर्शिता, न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ, समय पर भुगतान और बीमा योजनाओं को जमीन पर उतारने का प्रयास किया है, ताकि किसान साहूकारों या बिचौलियों पर निर्भर न रहें।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि राज्य में कृषि अवसंरचना को मजबूत करने, ग्रामीण सड़कों, मंडियों और कोल्ड चेन के विस्तार से किसानों को सीधे फायदा मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब डिजिटल व्यवस्थाओं से तेजी आई है। साथ ही, उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो दल आज किसान हितैषी होने का दावा करते हैं, वही अपने कार्यकाल में गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली आपूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर उदासीन रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसान को ‘कर्जदाता’ नहीं बल्कि ‘अन्नदाता’ की गरिमा के अनुरूप सशक्त बनाना है।
विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संवाद के लिए तैयार है, लेकिन भ्रामक प्रचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है, स्वयं सहायता समूहों, कृषि यंत्रीकरण और फसल विविधीकरण पर जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार, जब किसान की आय बढ़ेगी, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान पर सदन में जोरदार हंगामा भी देखने को मिला, लेकिन उन्होंने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि किसानों के साथ अन्याय करने वालों को जनता जवाब दे चुकी है और आगे भी देगी।



