
देश आज उस दर्दनाक दिन को याद कर भावुक हो उठा जब Pulwama attack में हमारे वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। बरसी के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश के प्रति उनका समर्पण, उनका साहस और उनकी कर्तव्यनिष्ठा हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत अपने बहादुर सपूतों के बलिदान को कभी भूल नहीं सकता। यह केवल परिवारों की क्षति नहीं थी, बल्कि पूरे राष्ट्र के हृदय पर लगा गहरा घाव था।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में दोहराया कि शहीदों का सपना एक सुरक्षित, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का था, और सरकार उसी दिशा में निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश की नीति स्पष्ट है और जो भी भारत की ओर आंख उठाकर देखेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस दिन देशभर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं, जहां लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों को याद किया।
शहीद परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा है। जवानों का त्याग हमें यह याद दिलाता है कि हमारी सुरक्षा के पीछे कितने परिवारों का बलिदान छिपा होता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर भारतीय ने आज कृतज्ञता के साथ उन वीरों को नमन किया, जिनकी वजह से हम सुरक्षित हैं।
यह बरसी सिर्फ शोक का दिन नहीं, बल्कि संकल्प का भी दिन है—संकल्प आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का, संकल्प देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का। वीर जवानों की शहादत भारत की चेतना में सदा जीवित रहेगी और उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

