
भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि इतिहास, संस्कृति, भाषा और साझा विरासत से गहराई से जुड़े हैं। इन्हीं संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान से फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की। इस वार्ता में दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए। भारत और बांग्लादेश ने 1971 के मुक्ति संग्राम से लेकर आज तक कई मोड़ों पर एक-दूसरे का साथ दिया है, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को विशेष आयाम दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि पड़ोसी देशों के साथ विश्वास और साझेदारी भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का अहम हिस्सा है। बातचीत में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत दिखे कि जनता से जनता का जुड़ाव ही रिश्तों की असली ताकत है। बंगाल की खाड़ी से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक कई परियोजनाएं दोनों देशों के सहयोग का उदाहरण हैं। फोन वार्ता को इस नजरिए से भी अहम माना जा रहा है कि क्षेत्रीय राजनीति में बदलते हालात के बीच संवाद के रास्ते खुले रखना जरूरी है। भारत लगातार यह संदेश देता रहा है कि वह बांग्लादेश की स्थिरता, समृद्धि और विकास में भरोसेमंद भागीदार बना रहेगा। इस बातचीत ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए राजनीतिक स्तर पर संपर्क बढ़ेंगे और सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा मिलेगी।

