विधानसभा हंगामे पर सीएम योगी सख्त, राज्यपाल और मातृ शक्ति के अपमान का लगाया आरोप

Yogi Adityanath ने विधानसभा में हुए हंगामे को लेकर विपक्ष पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है और यहां आचरण, भाषा और व्यवहार की एक मर्यादा होती है, लेकिन जिस तरह से राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान व्यवधान खड़ा किया गया, वह न केवल संसदीय परंपराओं के खिलाफ है बल्कि ‘मातृ शक्ति’ का भी अपमान है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह हो सकती है, परंतु संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के प्रति इस तरह का रवैया कतई स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल किसी दल के नहीं बल्कि संविधान के प्रतिनिधि होते हैं। उनके अभिभाषण के समय शोर-शराबा, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन यह दर्शाता है कि विपक्ष मुद्दों पर चर्चा करने से बचना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विकास, निवेश, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण की उपलब्धियों पर बात करने का समय आता है, तो विपक्ष के पास कहने को कुछ नहीं होता, इसलिए वह हंगामे का रास्ता चुनता है। सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने वालों को समय आने पर जवाब जरूर देगी।
Anandiben Patel का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लंबे सार्वजनिक जीवन का अनुभव रखने वाली वरिष्ठ महिला हैं। उनके प्रति असम्मानजनक व्यवहार नारी गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को उच्च स्थान दिया गया है और सदन में इस प्रकार का आचरण अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से आत्ममंथन करने की अपील की और कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए संवाद और बहस जरूरी है, टकराव और अवरोध नहीं।
सीएम योगी ने यह भी दोहराया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। यदि विपक्ष के पास सुझाव हैं तो उन्हें नियमों के तहत रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता ने प्रतिनिधियों को विकास और नीति पर विमर्श के लिए चुना है, न कि सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि वह प्रदेश के विकास एजेंडे पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ती रहेगी और किसी भी तरह की बाधा उसके संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएगी।



