Mohanthal Recipe: दूध और बेसन से बनाएं दानेदार मोहनथाल, धीमी आंच पर भूनने से आएगा हलवाई जैसा स्वाद

त्योहार हो, पूजा-पाठ का मौका हो या घर में कुछ मीठा खाने का मन—मोहनथाल एक ऐसी पारंपरिक मिठाई है जिसका दानेदार टेक्सचर और सोंधा स्वाद हर किसी को पसंद आता है। गुजरात और राजस्थान में खास तौर पर लोकप्रिय इस मिठाई को आमतौर पर बेसन, देसी घी, चीनी, मावा और इलायची-केसर से तैयार किया जाता है।
अगर आपको लगता है कि घर पर हलवाई जैसा दानेदार मोहनथाल बनाना मुश्किल है, तो ऐसा नहीं है। बस बेसन को सही तरीके से तैयार करना और धीमी आंच पर धैर्य से भूनना जरूरी है। आइए जानते हैं इसकी आसान विधि।
मोहनथाल बनाने के लिए सामग्री
- बेसन – जरूरत के अनुसार
- देसी घी – जरूरत के अनुसार
- दूध – थोड़ा सा
- मावा/खोया – कद्दूकस किया हुआ
- चीनी – स्वादानुसार
- पानी – चाशनी के लिए
- इलायची पाउडर – थोड़ा सा
- केसर – कुछ धागे
- पिस्ता – बारीक कटा हुआ
- बादाम – बारीक कटे हुए
स्रोत में बेसन को घी और दूध के साथ मथकर दानेदार बनाने और बाद में मावा व चाशनी मिलाने की विधि बताई गई है।
Step 1: बेसन को दें दानेदार टेक्सचर
मोहनथाल की सबसे खास बात उसका दानेदार टेक्सचर होता है। इसे पाने के लिए सबसे पहले बेसन में थोड़ा देसी घी और दूध डालें।
अब इसे हाथों से अच्छी तरह मसलें और मथें। इस प्रक्रिया को मोयन देना या बेसन को दबाना कहा जाता है।
इसके बाद तैयार मिश्रण को छलनी से छान लें। इससे बेसन के छोटे-छोटे दाने बन जाएंगे और मिठाई का टेक्सचर अच्छा आएगा।
Step 2: बेसन को धीमी आंच पर भूनें
अब एक भारी तले वाली कड़ाही लें और उसमें देसी घी गर्म करें।
घी गर्म होने पर तैयार दानेदार बेसन डाल दें। इसे धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें।
बेसन को तब तक भूनना है जब तक उसका रंग हल्का गोल्डन ब्राउन न हो जाए और उससे अच्छी सोंधी खुशबू आने न लगे।
इस स्टेप में जल्दबाजी बिल्कुल न करें। बेसन अगर ठीक से नहीं भुना तो मिठाई में कच्चे बेसन का स्वाद रह सकता है।
Step 3: तैयार करें चाशनी
दूसरे बर्तन में चीनी और पानी डालकर चाशनी पकाएं।
इसमें केसर के कुछ धागे और इलायची पाउडर डाल सकते हैं। स्रोत के अनुसार मोहनथाल के लिए लगभग एक से डेढ़ तार की चाशनी इस्तेमाल की जाती है।
चाशनी तैयार होने पर गैस बंद कर दें।
Step 4: मावा और चाशनी मिलाएं
अब अच्छी तरह भुने हुए बेसन में कद्दूकस किया हुआ मावा डालकर मिलाएं।
इसके बाद गर्म चाशनी को धीरे-धीरे बेसन-मावा के मिश्रण में डालें। इस दौरान लगातार चलाते रहें, ताकि चाशनी अच्छी तरह मिल जाए और मिश्रण में गांठें न पड़ें।
अंत में थोड़ा इलायची पाउडर डालकर सब कुछ अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगेगा।
Step 5: ट्रे में फैलाकर सजाएं
एक ट्रे या थाली में थोड़ा घी लगाकर उसे चिकना कर लें।
अब तैयार गर्म मोहनथाल को ट्रे में डालें और स्पैटुला की मदद से समान रूप से फैला दें।
ऊपर से बारीक कटे पिस्ता, बादाम और केसर डालकर सजाएं।
Step 6: ठंडा होने दें और काटें
मोहनथाल को तुरंत काटने की कोशिश न करें। इसे कम से कम 1 से 2 घंटे तक ठंडा होने दें, ताकि मिठाई अच्छी तरह सेट हो जाए।
जब यह जम जाए तो चाकू से इसे चौकोर या डायमंड शेप में काट लें।
बस तैयार है आपका दानेदार, सोंधी खुशबू वाला स्वादिष्ट मोहनथाल।
मोहनथाल को दानेदार बनाने का राज
अगर आप चाहते हैं कि मोहनथाल बिल्कुल बाजार जैसा दानेदार बने, तो सबसे ज्यादा ध्यान बेसन तैयार करने और भूनने पर दें।
बेसन में दूध और घी मिलाकर अच्छी तरह मथना और फिर उसे छलनी से छानना दानेदार टेक्सचर पाने का अहम हिस्सा है। इसके बाद धीमी आंच पर बेसन को अच्छी तरह भूनना जरूरी है।
बेसन भूनते समय न करें ये गलती
बेसन को तेज आंच पर भूनने से वह बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकता है, जबकि अंदर से कच्चा रह सकता है। इसलिए आंच को नियंत्रित रखें और बेसन को लगातार चलाते रहें।
इसी तरह चाशनी डालते समय भी मिश्रण को लगातार चलाना जरूरी है, ताकि मिठाई में चाशनी समान रूप से मिल सके।
घर पर बनाएं त्योहार वाली मिठाई
मोहनथाल का स्वाद देसी घी, अच्छी तरह भुने बेसन, मावा, इलायची और केसर के कारण बेहद खास हो जाता है। इसे त्योहार, पूजा या किसी खास मौके पर घर में बनाया जा सकता है।
अगर आपको पारंपरिक भारतीय मिठाइयां पसंद हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें। बस धीमी आंच और सही टेक्सचर का ध्यान रखें—यही अच्छे मोहनथाल की सबसे बड़ी कुंजी है।
नोट: यह रेसिपी दिए गए स्रोत में प्रकाशित विधि पर आधारित है। स्रोत स्वयं बताता है कि उसके दावे इंटरनेट और इंस्टाग्राम वीडियो से मिली जानकारी पर आधारित हैं और उनकी स्वतंत्र सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता।



