
नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ‘ग्रेटर BRICS’ को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने BRICS देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, तकनीकी और वित्तीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
शी चिनफिंग ने कहा कि BRICS को वैश्विक मामलों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करना चाहिए। उनके प्रस्ताव में AI, व्यापार, डिजिटल उद्योग, विनिर्माण और विज्ञान-तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात शामिल है।
चीनी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बहुध्रुवीयता और विकासशील देशों की अधिक भागीदारी की वकालत की। उन्होंने ‘माइट मेक्स राइट’ यानी ताकत के आधार पर फैसले लेने की सोच को पुराना बताते हुए नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर जोर दिया।
BRICS सम्मेलन में अमेरिका और पश्चिमी देशों की व्यापार नीतियों को लेकर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए गए। समूह ने एकतरफा टैरिफ, प्रतिबंधों और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं पर चिंता जताई, हालांकि किसी देश का सीधे नाम नहीं लिया गया।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग के बीच भी BRICS सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों में मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
‘ग्रेटर BRICS’ की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब समूह का विस्तार हो चुका है और BRICS वैश्विक दक्षिण की आवाज को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है। सम्मेलन में वैश्विक व्यापार, वित्त और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।



