
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चर्चा के लिए खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
अमित शाह ने कहा कि सरकार संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से हंगामा करने के बजाय चर्चा में शामिल होने की अपील की। शाह के इस बयान को संसद में लंबे समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार विपक्ष के आरोपों और सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि चर्चा से ही जनता के सामने पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
वहीं, विपक्ष अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए है। विपक्षी दलों की ओर से संसद में संबंधित मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब और चर्चा की मांग की जा रही है।
अमित शाह के बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष सरकार के चर्चा के प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है। यदि दोनों पक्ष चर्चा के लिए सहमत होते हैं तो संसद की कार्यवाही सामान्य होने की उम्मीद बढ़ सकती है।



