
कर्नाटक में लगभग 70 साल बाद एक बार फिर चीते बसाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस ऐतिहासिक कदम के तहत दक्षिण अफ्रीका से 4 चीते लाए गए हैं, जिन्हें राज्य के वन्य क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से बसाया जाएगा।
यह पहल भारत में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। चीता को देश में दोबारा स्थापित करने के इस प्रयास को पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न सिर्फ पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।



