
भारतीय वायुसेना के लिए स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) जल्द ही वायुसेना को HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमानों की पहली खेप सौंपने जा रहा है। पहली खेप में तीन विमान शामिल होंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक तीनों HTT-40 विमान डिलीवरी के लिए तैयार हैं। इनमें दो विमान HAL के बेंगलुरु संयंत्र में और एक विमान नासिक स्थित उत्पादन केंद्र में तैयार किया गया है। दोनों उत्पादन केंद्र HTT-40 कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
HTT-40 भारतीय वायुसेना के लिए बेसिक ट्रेनिंग विमान के तौर पर विकसित किया गया है। इसका इस्तेमाल शुरुआती स्तर पर सैन्य पायलटों को उड़ान प्रशिक्षण देने के लिए किया जाएगा। नए विमानों से प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारतीय वायुसेना ने 2023 में HAL से 70 HTT-40 विमानों की खरीद का ऑर्डर दिया था। इस सौदे की कीमत करीब 6,838 करोड़ रुपये बताई गई है। इन विमानों का मुख्य उद्देश्य नए पायलटों को बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
HTT-40 की डिलीवरी में पहले देरी का सामना करना पड़ा था। इसका एक प्रमुख कारण विमानों के लिए जरूरी इंजन की आपूर्ति में देरी बताई गई। इसी वजह से HAL वित्त वर्ष 2025-26 में तय 12 विमानों की डिलीवरी नहीं कर पाया था।
अब पहली खेप के तीन विमान तैयार होने के बाद कार्यक्रम को गति मिलने की उम्मीद है। बेंगलुरु और नासिक में उत्पादन सुविधाओं के इस्तेमाल से HAL HTT-40 के निर्माण और डिलीवरी की क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
HTT-40 की खासियत यह है कि यह स्वदेशी रूप से विकसित बेसिक ट्रेनर विमान है। इसके जरिए भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षु पायलटों को सैन्य विमान उड़ाने की शुरुआती बारीकियां सिखाने में मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण के लिए विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी योगदान मिल सकता है।
वायुसेना में प्रशिक्षित पायलटों की लगातार जरूरत रहती है। ऐसे में पर्याप्त संख्या में ट्रेनर विमानों की उपलब्धता प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुचारु रखने के लिए महत्वपूर्ण है। HTT-40 की डिलीवरी से इस जरूरत को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
HTT-40 कार्यक्रम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश में विमान के उत्पादन से घरेलू एयरोस्पेस उद्योग, आपूर्ति श्रृंखला और संबंधित कंपनियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर तीन HTT-40 विमानों की पहली खेप की डिलीवरी भारतीय वायुसेना और HAL दोनों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे वायुसेना की पायलट ट्रेनिंग क्षमता को मजबूती मिलने के साथ भारत के स्वदेशी विमान निर्माण कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।



