
23 जून को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक होने जा रही है, जिसमें भारत, चीन और ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) शामिल होंगे। यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित रहेगी।
इस उच्चस्तरीय वार्ता को एशिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तीनों देशों के बीच यह संवाद क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है।
बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्गों की सुरक्षा और अफगानिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है। इससे पहले भी इन देशों के बीच अलग-अलग स्तर पर संवाद होता रहा है, लेकिन यह त्रिपक्षीय बैठक रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है।
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य आपसी भरोसे को बढ़ाना और क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार करना है, जिससे एशिया में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिल सके।



