
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने न्याय व्यवस्था में सुधार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लंबित मुकदमों में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकार इस समस्या के समाधान के लिए एक व्यापक एक्शन प्लान पर काम कर रही है।
इस योजना के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। इसमें डिजिटल ट्रैकिंग, केस मैनेजमेंट सिस्टम और न्यायिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके और अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सके। इस कदम से न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस एक्शन प्लान के तहत पुराने और लंबे समय से लंबित मामलों की श्रेणीवार समीक्षा की जाएगी, ताकि प्राथमिकता के आधार पर उनका निपटारा किया जा सके। इसके लिए विशेष अदालतों और अतिरिक्त न्यायिक अधिकारियों की मदद लेने की भी योजना है।
इसके अलावा, ई-कोर्ट प्रणाली को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे केस फाइलिंग से लेकर सुनवाई तक की प्रक्रिया डिजिटल और तेज हो सके। इससे कागजी कार्यवाही में लगने वाला समय भी कम होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो देश की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है और आम लोगों को समय पर न्याय मिलने की प्रक्रिया मजबूत होगी।



