
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को आवासीय लिफ्ट योजनाओं, स्वीकृत मानचित्रों और संबंधित रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की सलाह दी है। आयोग का कहना है कि ऐसी सूचनाएं आम नागरिकों के लिए उपयोगी हैं और इन्हें आसानी से उपलब्ध कराने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
आयोग ने सुझाव दिया कि लिफ्ट लगाने से जुड़ी योजनाओं, अनुमति प्रक्रिया, स्वीकृत नक्शों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाए। इससे भवन मालिकों, निवासियों और संबंधित पक्षों को आवश्यक जानकारी समय पर मिल सकेगी और सूचना के अधिकार के तहत बार-बार आवेदन करने की जरूरत कम होगी।
मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। आयोग का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े रिकॉर्ड नागरिकों की पहुंच में होने चाहिए। इससे नियमों के पालन की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
लिफ्ट से जुड़े मामलों में सुरक्षा मानकों, स्वीकृति प्रक्रिया और तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रिकॉर्ड सार्वजनिक होने से नागरिकों को अपने भवनों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा।
केंद्रीय सूचना आयोग की इस सलाह के बाद अब MCD की ओर से यह तय किया जाना है कि इन सूचनाओं को किस माध्यम और किस प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक किया जाएगा। यह कदम शहरी प्रशासन में डिजिटल पारदर्शिता और नागरिक सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



