
Supreme Court of India ने जातिगत जनगणना पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका देश में प्रस्तावित या चल रही जातिगत गणना की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान Surya Kant की पीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए फटकार भी लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में आधारहीन दखल या जल्दबाजी में दायर की गई याचिकाओं का कोई औचित्य नहीं है।
इस फैसले के बाद मामले को लेकर कानूनी और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जातिगत जनगणना जैसे संवेदनशील विषयों पर निर्णय सरकार की नीतियों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर ही आगे बढ़ते हैं।



