
Narendra Modi ने देश को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए पेट्रोलियम और स्वर्ण खपत को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आयात पर निर्भरता कम करते हुए आर्थिक स्वराज की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उनका मानना है कि ऊर्जा और सोने के आयात पर अत्यधिक खर्च देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा दबाव डालता है।
प्रधानमंत्री ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और घरेलू निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि देश पेट्रोलियम खपत को नियंत्रित करे और सोने में अत्यधिक निवेश की बजाय उत्पादक क्षेत्रों में पूंजी लगाए, तो अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति देने वाली मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल और सोना आयातक देशों में शामिल है। ऐसे में आयात खर्च कम होने से व्यापार घाटा घट सकता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। India की आर्थिक मजबूती के लिए सरकार ऊर्जा सुरक्षा, हरित तकनीक और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर लगातार फोकस कर रही है।



