


NEET पेपर लीक मामले की जांच में अब पुणे से जुड़े अहम तार सामने आए हैं। पुलिस ने ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जो छात्रों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी इस पूरे रैकेट का हिस्सा था और परीक्षा से जुड़े फर्जीवाड़े में शामिल था। अब तक इस मामले में कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाकर मोटी रकम वसूलता था। जांच में कई डिजिटल और वित्तीय लेन-देन के सबूत भी मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले की तह तक जाने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस और एजेंसियां भी जांच में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला संगठित परीक्षा धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई और लोगों की संलिप्तता सामने आने की संभावना है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क को पूरी तरह उजागर करने की कोशिश की जा रही है।