
अप्रैल का महीना आमतौर पर गर्मी की शुरुआत के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अलग ही रंग दिखाया है। उत्तर भारत के कई राज्यों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। तापमान में गिरावट के चलते लोगों को सावन जैसा अहसास हो रहा है। जहां एक ओर आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर अचानक हुई बारिश और ओलों ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी ऐसे ही बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अचानक बदले इस मौसम का असर जनजीवन पर भी साफ देखने को मिल रहा है। कई शहरों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने यातायात को प्रभावित किया है, वहीं बिजली कटौती और जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। सुबह-शाम की ठंडक ने लोगों को एक बार फिर हल्के गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हुआ है, जिससे बादल छाए रहने, गरज-चमक और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है। खासकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में इसका ज्यादा असर देखने को मिला है।
किसानों के लिए यह मौसम मिलाजुला प्रभाव लेकर आया है। जहां गेहूं की कटाई के समय हुई बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, वहीं कुछ क्षेत्रों में यह बारिश फायदेमंद भी साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सावधानी बरतने और फसल को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाने की सलाह दी है।



