Ship Recycling: दुनिया का हर तीसरा जहाज भारत में रीसाइकिल, 2030 का लक्ष्य समय से पहले पूरा

भारत ने जहाज रीसाइक्लिंग उद्योग में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्तमान में दुनिया में रीसाइकिल होने वाले लगभग हर तीसरे जहाज को भारत में तोड़ा और पुनर्चक्रित किया जा रहा है। इस उपलब्धि के साथ देश ने वर्ष 2030 के लिए निर्धारित कई प्रमुख लक्ष्यों को तय समय से पहले प्राप्त करने का दावा किया है।
Alang Ship Breaking Yard समेत देश के प्रमुख शिप रीसाइक्लिंग केंद्रों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा मानकों और पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रियाओं के कारण भारत वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग उद्योग का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
जहाज रीसाइक्लिंग उद्योग से बड़ी मात्रा में स्टील, मशीनरी और अन्य उपयोगी सामग्री दोबारा अर्थव्यवस्था में शामिल होती है, जिससे संसाधनों की बचत और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा इस क्षेत्र से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती वैश्विक मांग, हरित रीसाइक्लिंग मानकों के पालन और सरकारी नीतिगत समर्थन के कारण आने वाले वर्षों में भारत की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है। यह उपलब्धि देश की समुद्री अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।



