
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका में भारतीय नागरिकों की मौत के मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को केवल अलग-थलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जा सकता और इनके पीछे मौजूद परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
थरूर ने सवाल उठाया कि यदि पीड़ित किसी अन्य विकसित देश के नागरिक होते तो क्या प्रतिक्रिया और कार्रवाई का स्तर यही रहता? उन्होंने यह भी पूछा कि विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों ने क्या कदम उठाए थे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारतीय नागरिक दुनिया के विभिन्न देशों में शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के लिए जाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। उन्होंने मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
इस मुद्दे पर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई नेताओं का मानना है कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से उठाया जाना चाहिए और आवश्यक होने पर सरकार को संबंधित देशों के समक्ष चिंता दर्ज करानी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत-अमेरिका संबंध मजबूत होने के बावजूद ऐसे मामलों पर संवेदनशील और स्पष्ट संवाद जरूरी है। थरूर के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है।



