
तमिलनाडु में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक अप्रत्याशित घटना देखने को मिली, जब विजय ने शपथ लेते समय अपने संबोधन की शुरुआत कर दी। इस पर राज्यपाल ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उन्हें शपथ प्रक्रिया का पालन करने और पहले शपथ पूरी करने की सलाह दी।
इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मंच पर हल्की असहजता का माहौल बन गया, हालांकि जल्द ही प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पूरा किया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान से देखा और बाद में यह चर्चा का विषय बन गया।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार शपथ ग्रहण एक औपचारिक प्रक्रिया होती है, जिसमें निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक होता है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।



