
आगामी चुनावों में मौसम एक अहम भूमिका निभा सकता है। तेज गर्मी, लू और संभावित तूफान जैसी परिस्थितियां मतदान प्रतिशत को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण कई क्षेत्रों में मतदाता घरों से बाहर निकलने से बच सकते हैं, जिससे वोटिंग प्रतिशत में गिरावट आ सकती है।
वहीं, अचानक आने वाले तूफान या खराब मौसम भी मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जहां पहले से ही पहुंच और संसाधनों की चुनौतियां होती हैं।
राजनीतिक दल भी मौसम के इस फैक्टर को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बना रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाया जा सके।



