Karwa Chauth 2026 Date: सरगी से चांद दर्शन तक जानें पूरी पूजा टाइमिंग

हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं और पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना से रखा जाने वाला यह पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
करवा चौथ 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत 1 नवंबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।
सरगी का समय:
करवा चौथ के दिन सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है। 2026 में महिलाएं तड़के सुबह सरगी ग्रहण कर व्रत की शुरुआत करेंगी। सरगी का समय स्थानीय सूर्योदय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
पूजा मुहूर्त:
शाम के समय महिलाएं करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्र देव की पूजा करती हैं। पूजा का शुभ समय स्थान और पंचांग के अनुसार बदल सकता है।
चांद निकलने का समय:
करवा चौथ पर व्रत खोलने के लिए चंद्रमा का इंतजार किया जाता है। 2026 में चांद निकलने का समय शहर के हिसाब से अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा।
करवा चौथ की पूजा विधि:
- सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है।
- शाम को पूजा की थाली सजाई जाती है।
- करवा माता की कथा सुनी जाती है।
- चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोला जाता है।
करवा चौथ सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और रिश्ते की मजबूती का प्रतीक भी माना जाता है। हर साल इस पर्व को लेकर महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिलता है।
नोट: करवा चौथ की पूजा और चंद्र दर्शन का सटीक समय आपके शहर के सूर्योदय और चंद्रोदय के अनुसार बदल सकता है।



