मासिक शिवरात्रि 2025: 19 या 20 सितंबर कब है? जानें शुभ तिथि, पूजा विधि और महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। वर्ष 2025 में सितंबर माह की मासिक शिवरात्रि को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है कि यह 19 सितंबर को पड़ेगी या 20 सितंबर को। पंचांग गणना के अनुसार इस बार चतुर्दशी तिथि 19 सितंबर की रात से प्रारंभ होकर 20 सितंबर की रात्रि तक रहेगी। ऐसे में भक्त अपनी श्रद्धा और सुविधा अनुसार 19 या 20 सितंबर को व्रत रख सकते हैं और भगवान शिव की विशेष पूजा कर सकते हैं।
मासिक शिवरात्रि का महत्व महाशिवरात्रि के समान ही माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजन करने से सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और साधक को जीवन में सुख, समृद्धि एवं शांति की प्राप्ति होती है। विशेषकर अविवाहित कन्याओं के लिए यह व्रत मनचाहा वर पाने का और विवाहित महिलाओं के लिए अपने पति की लंबी आयु और दांपत्य सुख की प्राप्ति का साधन माना जाता है।
पूजा विधि में प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए और दिनभर व्रत रखकर संध्याकाल शिवलिंग का पूजन करना शुभ होता है। पूजन के समय भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करनी चाहिए। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना और रुद्राष्टक या शिव चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है।
मासिक शिवरात्रि पर रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व है। भक्तजन पूरी रात भजन-कीर्तन कर शिव नाम का स्मरण करते हैं। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दिन किए गए व्रत और पूजन से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए 19 और 20 सितंबर 2025 की रात को शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ शिवरात्रि व्रत रखकर भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।



