धर्म-आस्था

सकट चौथ व्रत 2026: शिवलिंग पूजन से दूर होंगी संतान से जुड़ी परेशानियां

सकट चौथ का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, खासकर उन दंपतियों के लिए जो संतान सुख की कामना करते हैं। वर्ष 2026 में सकट चौथ का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से संतान से जुड़ी अनेक बाधाएं दूर होने की मान्यता है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित होता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से भी विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि शिव और शक्ति की कृपा से जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती हैं और संतान प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। सकट चौथ के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें चढ़ाने से संतान संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल अर्पित करें, क्योंकि जल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और यह मन की शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद कच्चा दूध चढ़ाएं, जिससे पारिवारिक सुख और वंश वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। मान्यता है कि दूध से अभिषेक करने से संतान प्राप्ति में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। शिवलिंग पर शहद अर्पित करना भी शुभ माना गया है, यह जीवन में मधुरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसके साथ ही सफेद फूल, विशेषकर आक या चमेली के फूल चढ़ाएं, क्योंकि ये शिवजी को प्रिय हैं और मनोकामना पूर्ति में सहायक माने जाते हैं। सकट चौथ के दिन बेलपत्र चढ़ाना अत्यंत फलदायी होता है, बेलपत्र की तीन पत्तियां त्रिदेव का प्रतीक मानी जाती हैं और इससे भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। अभिषेक के बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें और संतान सुख की कामना करें। शाम को चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दें और गणेश जी की विधिवत पूजा करें। इस दिन संयम, श्रद्धा और नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। माना जाता है कि जो महिलाएं सकट चौथ के दिन सच्चे मन से शिवलिंग पर ये चीजें अर्पित करती हैं, उन्हें भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे न केवल संतान से जुड़ी कठिनाइयां दूर होती हैं, बल्कि परिवार में सुख, शांति और समृद्धि भी बनी रहती है।

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