Shani Amavasya 2025: जानें कब है शनिश्चरी अमावस्या, शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, और जब यह शनिवार के दिन पड़ती है तो इसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। 2025 में यह पावन तिथि 26 जुलाई, शनिवार को आ रही है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, शनि दोष और साढ़ेसाती के प्रभाव कम होते हैं। यह दिन पितरों की तृप्ति और शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करके पीपल के पेड़ की पूजा करें, तिल, तेल, काला वस्त्र, उड़द दाल और लोहा आदि का दान करें। शनि देव के मंदिर में जाकर तेल चढ़ाना और हनुमान जी के दर्शन करना भी शुभ फलदायक होता है। पितरों के निमित्त जल और तिल अर्पित करना तथा ब्राह्मणों को भोजन कराना पुण्यकारी है।
शुभ मुहूर्त:
26 जुलाई 2025 को अमावस्या तिथि प्रातः 08:42 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 27 जुलाई को प्रातः 06:15 बजे समाप्त होगी। शनिदेव की विशेष पूजा के लिए शुभ समय प्रातः 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 05:00 बजे से 07:00 बजे तक रहेगा। इन समयों में किए गए दान-पुण्य और मंत्र जाप का फल कई गुना बढ़ जाता है।
मान्यता है कि इस दिन शनि देव की कृपा से व्यापार में वृद्धि, नौकरी में उन्नति और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है। साथ ही, जो लोग लंबे समय से बाधाओं या आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह तिथि विशेष फलदायी मानी जाती है। शनिश्चरी अमावस्या पर शनि महामंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जप करना अत्यंत लाभकारी है।
इस प्रकार, 2025 की शनिश्चरी अमावस्या न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति पाने का एक सुनहरा अवसर भी प्रदान करती है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से शनि देव की कृपा सदैव बनी रहती है।



