Sheetala Saptami 2026: मां पार्वती के इन मंत्रों का करें जाप, शिव जी की बरसेगी विशेष कृपा

हिंदू धर्म में Sheetala Saptami का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व माता शीतला और देवी शक्ति की आराधना के लिए समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से Maa Parvati की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके मंत्रों का जाप करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से माता पार्वती की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार को रोगों से मुक्ति मिलती है। साथ ही Lord Shiva की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती को शक्ति, करुणा और मातृत्व की देवी माना जाता है। जब भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ उनके मंत्रों का जाप करते हैं तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शीतला सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ-सुथरे वस्त्र धारण कर पूजा स्थल पर दीपक जलाकर माता पार्वती और भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए। इसके बाद श्रद्धा के साथ मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस दिन कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव और माता पार्वती दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पहला मंत्र है –
“ॐ पार्वत्यै नमः”।
इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
दूसरा मंत्र है –
“ॐ ह्रीं गौरी शंकरार्धांगिनी यथा त्वं शंकरप्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणी कांतकांता सुदुर्लभाम्॥”
धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और परिवार में प्रेम बढ़ता है।
शीतला सप्तमी के दिन व्रत रखने और पूजा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। कई स्थानों पर इस दिन ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है और जरूरतमंदों को भोजन या दान दिया जाता है। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
इस प्रकार शीतला सप्तमी के पावन अवसर पर माता पार्वती के इन मंत्रों का जाप करने से भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति मिलती है और भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। यदि इस दिन पूरी श्रद्धा और नियम के साथ पूजा की जाए तो घर-परिवार में खुशहाली बनी रहती है और हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।



