चक्रवात अर्णब से 9 मौतें, अमित शाह ने 4 राज्यों के CM से की बात

चक्रवाती तूफान अर्णब ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जबकि सड़कों और बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा। जगरण की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में इस तूफान से नौ लोगों की मौत हुई है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग बताई गई है।
अमित शाह ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। उन्होंने आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया। शाह ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें भी भेजी जाएंगी।
20 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
जगरण की रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 20 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात से तटीय जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और सड़क परिवहन बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं।
फसलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान
तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कृषि भूमि, बिजली व्यवस्था और परिवहन ढांचे को नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने नुकसान का आकलन करने और राहत के लिए केंद्र से सहायता मांगी है।
ओडिशा के 17 जिले प्रभावित
चक्रवात का असर ओडिशा में भी देखने को मिला है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 17 जिले प्रभावित हुए हैं, हालांकि वहां इस रिपोर्ट में किसी मौत की पुष्टि नहीं की गई। एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और प्रशासन ने राहत तैयारियां तेज कीं।
NDRF और SDRF की टीमें राहत कार्य में जुटीं
केंद्र सरकार के अनुसार, NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। केंद्रीय टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करेंगी, जिसके आधार पर आगे की सहायता तय की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, आवश्यक सेवाएं बहाल करना और नुकसान का आकलन करना है।
नोट: मृतकों की संख्या और नुकसान के आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े संबंधित प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित हैं।



