Pakistan Cricket: खिलाड़ियों के फोन जब्त, फिक्सिंग के साये में PCB की जांच

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच पाकिस्तान क्रिकेट में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने की खबर सामने आने के बाद मैच फिक्सिंग की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, फोन जब्त किए जाने की वजह को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सात खिलाड़ियों को टेस्ट स्क्वाड से रिलीज कर दिया। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं।
PCB ने इन बदलावों के साथ आंतरिक अनुशासनात्मक जांच भी शुरू की है। बोर्ड के मुताबिक जांच मीडिया में सामने आई टीम अनुशासन और आचरण से जुड़ी खबरों के बाद शुरू की गई है। जांच की पूरी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए जाने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ खिलाड़ियों के फोन तीसरे टेस्ट के खत्म होने तक PCB के पास रह सकते हैं। हालांकि, जिन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं, उनके नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिक्सिंग का मुद्दा पाकिस्तान क्रिकेट के लिए नया नहीं है। इंग्लैंड में होने वाले मुकाबलों के साथ अतीत में भी पाकिस्तानी क्रिकेट को लेकर फिक्सिंग विवाद सामने आते रहे हैं। इसी वजह से मौजूदा घटनाक्रम ने क्रिकेट जगत में अतिरिक्त चर्चा पैदा कर दी है।
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में दूसरे मुकाबले के बाद पाकिस्तान 0-2 से पीछे है। लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रन से हराकर सीरीज पर कब्जा कर लिया था। तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना है।
स्क्वाड में बड़े बदलाव के बाद पाकिस्तान ने कई नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। PCB की आधिकारिक सूची के अनुसार सात खिलाड़ियों को रिप्लेस किया गया है, जिनमें पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है।
कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया है। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को रिलीज कर उनकी जगह माइक हेसन और एश्ले नॉफ्के को जिम्मेदारी दी गई है। इससे साफ है कि PCB ने इंग्लैंड दौरे के बीच टीम में बड़े स्तर पर बदलाव करने का फैसला किया है।
हालांकि खिलाड़ियों के मोबाइल फोन की जांच और आंतरिक जांच ने फिक्सिंग की चर्चाओं को हवा दी है, लेकिन किसी खिलाड़ी को मैच फिक्सिंग का दोषी घोषित नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल इन दावों को आरोप और अटकलों के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए। PCB की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
कुल मिलाकर इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट कई मोर्चों पर संकट से गुजर रहा है। लगातार दो टेस्ट हार, सात खिलाड़ियों की विदाई, कोचिंग स्टाफ में बदलाव और मोबाइल फोन जब्त किए जाने की खबरों ने विवाद को और बढ़ा दिया है। अब सभी की नजर PCB की जांच और एजबेस्टन में होने वाले तीसरे टेस्ट पर है।



