वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025: सचिन यादव 40 सेमी से मेडल चूके, नीरज चोपड़ा आठवें स्थान से बाहर

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारतीय खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें थीं, खासकर जेवलिन थ्रो इवेंट में। भारत के उभरते हुए एथलीट सचिन यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 86.27 मीटर का थ्रो किया। हालांकि, यह दूरी उन्हें मेडल दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रही और वे महज 40 सेंटीमीटर से कांस्य पदक से चूक गए। यह नतीजा उनके लिए बेहद निराशाजनक जरूर रहा, लेकिन इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच पर चौथे स्थान पर पहुंचना किसी उपलब्धि से कम नहीं है।
वहीं, भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा इस बार उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। नीरज ने अपने प्रयासों में लय नहीं पकड़ पाई और अंततः आठवें स्थान पर रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उनकी यह हार भारतीय खेल प्रेमियों के लिए चौंकाने वाली रही क्योंकि उनसे पदक की उम्मीद की जा रही थी।
इस प्रतियोगिता में सबसे बड़ा सरप्राइज तब मिला जब त्रिनिनाद-टोबैगो के खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने अपने बेहतरीन थ्रो से पूरे विश्व का ध्यान खींचा और साबित किया कि एथलेटिक्स में अब छोटे देश भी बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं।
भारतीय खेल प्रेमियों के लिए यह चैंपियनशिप मिश्रित भावनाओं वाली रही। जहां सचिन यादव ने चौथे स्थान पर रहकर यह संकेत दिया कि वे भविष्य में भारत के लिए नया सितारा बन सकते हैं, वहीं नीरज चोपड़ा का फॉर्म में न होना थोड़ी चिंता की बात जरूर है। लेकिन खेलों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और यही एथलीट्स को और मजबूत बनाता है।
भारतीय एथलेटिक्स संघ अब इस प्रदर्शन का गहराई से विश्लेषण करेगा ताकि आने वाले टूर्नामेंट्स में खिलाड़ी और बेहतर तैयारी के साथ उतर सकें। सचिन यादव का चौथे स्थान तक पहुंचना आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा देने वाला है और यह उम्मीद भी जगाता है कि भविष्य में भारत एक बार फिर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने का गौरव हासिल करेगा।



