यूपी में 12.39 लाख मिट्टी के नमूनों की होगी जांच, जैव उर्वरक पर किसानों को मिलेगी बंपर सब्सिडी

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि भूमि की उर्वरता में सुधार के उद्देश्य से बड़े स्तर पर मृदा परीक्षण अभियान शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत राज्यभर से 12.39 लाख मिट्टी के नमूनों की जांच की जाएगी, ताकि खेतों की वास्तविक पोषक स्थिति का पता लगाया जा सके और किसानों को फसल के अनुसार उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी जा सके।
मृदा परीक्षण के साथ-साथ सरकार जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दे रही है। इसके लिए किसानों को आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो और मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता लंबे समय तक बनी रहे। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित मृदा परीक्षण से किसानों को सही मात्रा में पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी मिलेगी। इससे उत्पादन लागत कम होगी, फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और पैदावार में भी वृद्धि हो सकती है।
राज्य सरकार का लक्ष्य वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है। मृदा परीक्षण और जैव उर्वरकों के व्यापक उपयोग से प्रदेश में कृषि उत्पादन को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



