CM योगी के दखल से PWD JE प्रमोशन का रास्ता साफ, NIC ने दूर की बाधा
उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के 100 से अधिक अवर अभियंताओं यानी जूनियर इंजीनियरों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शिकायत पहुंचने के बाद संबंधित विभागों ने मामले को गंभीरता से लिया और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने मानव संपदा पोर्टल की तकनीकी समस्या को दूर कर दिया। इसके बाद अब पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
लोक निर्माण विभाग में अवर अभियंताओं को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति दी जानी है। इसके लिए पात्रता सूची शासन को भेजी जानी थी, लेकिन मानव संपदा पोर्टल में मौजूद तकनीकी खामी के कारण प्रक्रिया अटक गई थी। विभाग इस समस्या के कारण पदोन्नति का प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ा पा रहा था।
मामले में मुख्य बाधा पोर्टल के विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC से जुड़े कॉलम में थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें दिव्यांग कार्मिकों की पदोन्नति से संबंधित आवश्यक प्रावधान उपलब्ध नहीं था। इसी तकनीकी कमी के कारण पात्र अवर अभियंताओं की पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।
इस समस्या को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की थी। शिकायत के बाद लोक निर्माण विभागाध्यक्ष ने कार्मिक विभाग को पत्र लिखा। कार्मिक विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए NIC के अधिकारियों से संपर्क किया और पोर्टल की खामी को ठीक कराया गया।
तकनीकी समस्या दूर होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने पदोन्नति के लिए पात्रता सूची तैयार कर ली है। अब विभाग इस सूची को शासन के समक्ष भेज सकेगा, जिससे अवर अभियंताओं की सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
इस घटनाक्रम से उन कर्मचारियों को राहत मिली है जिनकी पदोन्नति तकनीकी कारणों से लंबित थी। खास तौर पर दिव्यांग कार्मिकों से जुड़े प्रावधान के कारण उत्पन्न समस्या को पोर्टल स्तर पर ठीक किया जाना प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने समस्या का समाधान होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है। वहीं, इस पूरे मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी सेवाओं में पदोन्नति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए डिजिटल पोर्टल की तकनीकी व्यवस्था का सही तरीके से काम करना कितना जरूरी है।
अब पात्रता सूची शासन को भेजे जाने के बाद आगे की विभागीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे PWD के 100 से अधिक अवर अभियंताओं के सहायक अभियंता पद पर प्रमोशन का रास्ता आगे बढ़ेगा और लंबे समय से तकनीकी अड़चन का सामना कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।



