आयुष विभाग में 580 तबादलों पर विवाद, महानिदेशक ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश के आयुष विभाग में किए गए 580 तबादलों को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के महानिदेशक ने आरोप लगाया है कि तबादला प्रक्रिया में उन्हें नजरअंदाज किया गया और कई निर्णय निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किए बिना लिए गए। इसी संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की समीक्षा कराने और संबंधित तबादलों को निरस्त करने की मांग की है।
महानिदेशक का कहना है कि विभागीय कार्यप्रणाली और प्रशासनिक नियमों के तहत तबादलों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्षम अधिकारियों की भूमिका आवश्यक होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में हुए स्थानांतरणों पर उनकी जानकारी और सहमति के बिना कार्रवाई किए जाने से प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले के सामने आने के बाद आयुष विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगे जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोपों में दम पाया जाता है, तो तबादला सूची की दोबारा समीक्षा की जा सकती है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर होने वाले तबादलों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहती है, बल्कि कर्मचारियों का भरोसा भी कायम रहता है। अब निगाहें मुख्य सचिव के स्तर पर होने वाली कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।



