यूपी में 30 मामलों में FIR नहीं होगी दर्ज, DGP के नए निर्देश

उत्तर प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। डीजीपी के निर्देश के अनुसार अब दहेज समेत लगभग 30 प्रकार के मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। इन मामलों में पहले प्रारंभिक जांच (प्रिलिमिनरी इंक्वायरी) की जाएगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस फैसले का उद्देश्य झूठे मामलों पर रोक लगाना और पुलिस संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कई बार बिना पर्याप्त साक्ष्यों के दर्ज एफआईआर से निर्दोष लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अब पुलिस को पहले तथ्यों की जांच करनी होगी और शिकायत की सत्यता सुनिश्चित करनी होगी।
हालांकि, इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे न्यायिक प्रक्रिया को संतुलित करने वाला कदम मान रहे हैं, तो वहीं कुछ का कहना है कि इससे पीड़ितों को तत्काल न्याय मिलने में देरी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस नीति के प्रभाव का सही आकलन इसके लागू होने के बाद ही हो पाएगा।



