
उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल श्रम के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। योगी सरकार ने राज्य के खतरनाक कामों से हजारों बच्चों को मुक्त कर शिक्षा से जोड़ दिया है। अब ये बच्चे स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं और अपने भविष्य को बेहतर बना रहे हैं।
सरकार ने कहा है कि बाल श्रम न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हानिकारक है, बल्कि यह उनके भविष्य को भी प्रभावित करता है। इसके लिए विशेष अभियान चलाए गए और विभिन्न जिलों में टीमों ने बच्चों को खतरनाक और असुरक्षित कामों से हटाकर स्कूलों में दाखिला दिलाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा से जुड़ने के बाद बच्चे केवल साक्षर ही नहीं बनेंगे, बल्कि उन्हें बेहतर सामाजिक और आर्थिक अवसर भी मिलेंगे। यह पहल राज्य में बाल सुरक्षा और शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यूपी में बाल श्रम पूरी तरह समाप्त हो और हर बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर पा सके।



